-
मिश्रितप्रकरणम् - श्लोक ४४ ते ६३
अनुष्ठानप्रकाश , गौडियश्राद्धप्रकाश , जलाशयोत्सर्गप्रकाश , नित्यकर्मप्रयोगमाला , व्रतोद्यानप्रकाश , संस्कारप्रकाश हे सुद्धां ग्रंथ मुहूर्तासाठी अभासता येतात .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: hi
-
मिश्रितप्रकरणम् - श्लोक ६४ ते ११२
अनुष्ठानप्रकाश , गौडियश्राद्धप्रकाश , जलाशयोत्सर्गप्रकाश , नित्यकर्मप्रयोगमाला , व्रतोद्यानप्रकाश , संस्कारप्रकाश हे सुद्धां ग्रंथ मुहूर्तासाठी अभासता येतात .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: hi
-
मिश्रितप्रकरणम् - श्लोक ११३ ते १५०
अनुष्ठानप्रकाश , गौडियश्राद्धप्रकाश , जलाशयोत्सर्गप्रकाश , नित्यकर्मप्रयोगमाला , व्रतोद्यानप्रकाश , संस्कारप्रकाश हे सुद्धां ग्रंथ मुहूर्तासाठी अभासता येतात .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: hi
-
मुहूर्त साधनः
अनुष्ठानप्रकाश, गौडियश्राद्धप्रकाश, जलाशयोत्सर्गप्रकाश, नित्यकर्मप्रयोगमाला, व्रतोद्यानप्रकाश, संस्कारप्रकाश हे सुद्धां ग्रंथ मुहूर्तासाठी अभासता येतात.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: hi
-
बृहत्संहिता
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ११
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय २९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ३९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ४९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ५९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ६९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ७९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ८९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९०
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९७
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९८
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय ९९
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १००
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०१
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०२
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०३
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०४
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०५
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहत्संहिता - अध्याय १०६
शके ८८८ फाल्गुन कृष्ण द्वितीया गुरुवारी उत्पलनामकाने ही टीका केली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - परिभाषा
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - मध्यमाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - स्पष्टाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - पंचताराधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - त्रिप्रश्र्नाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - चंद्रग्रहणाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - सूर्यग्रहणाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - मासगणाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - स्थूलग्रहणद्वयसाधनाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - अस्तोदयाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - छायाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - नक्षत्र छायाधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - श्रृंगोन्नत्यधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - ग्रह युत्यधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - पाताधिकार
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - पंचांगचंद्रग्रहण
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ग्रहलाघव - अहर्गणसाधन
ज्योतिषशास्त्राविना हिंदू धर्मियांचे कार्य एक क्षणसुद्धा चालू शकत नाही .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
प्रकरण एक - सर्वसाधारण
भारतीय संविधान किंवा भारताची राज्यघटना ही भारतातील पायाभूत कायदा असून डॉ .बाबासाहेब आंबेडकर हे राज्यघटनेचे शिल्पकार आहेत .
२६ नोव्हेंबर १९४९ रोजी राज्यघटनेचा स्वीकार केला गेला व २६ जानेवारी १९५० पासून राज्यघटना अंमलात आली .
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ३
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ४
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ५
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ६
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ७
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ८
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ९
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १०
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय ११
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १२
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १३
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १४
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १५
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १६
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १७
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १८
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय १९
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २०
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २१
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २२
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २३
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २४
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २५
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २६
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २७
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - अध्याय २८
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहज्जातक - लग्न किंवा राशि कोष्टक
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
The horoscope is a stylized map of the planets including sun and moon over a specific location at a particular moment in time, in the sky.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
ज्योतिष शास्त्र
सृष्टीचमत्काराची कारणे समजून घेण्याची जिज्ञासा तृप्त करण्यासाठी प्राचीन भारतातील बुद्धिमान ऋषीमुनी, महर्षींनी नानाविध शास्त्रे जगाला उपलब्ध करून दिली आहेत, त्यापैकीच एक ज्योतिषशास्त्र होय.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
करणकल्पलता - परिभाषाधिकार
जुन्या किंवा नवीन अशा कोणत्याही करण ग्रंथापेक्षा या ग्रंथातील गणित जास्त सूक्ष्म आहे , कारण यात मंदकर्णलब्धी काढण्यात जास्त सूक्ष्मता साधली आहे .
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
परिभाषाधिकार - मंगलाचरण
जुन्या किंवा नवीन अशा कोणत्याही करण ग्रंथापेक्षा या ग्रंथातील गणित जास्त सूक्ष्म आहे , कारण यात मंदकर्णलब्धी काढण्यात जास्त सूक्ष्मता साधली आहे .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
करणकल्पलता
जुन्या किंवा नवीन अशा कोणत्याही करण ग्रंथापेक्षा या ग्रंथातील गणित जास्त सूक्ष्म आहे , कारण यात मंदकर्णलब्धी काढण्यात जास्त सूक्ष्मता साधली आहे .
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
करणकल्पलता - प्रस्तावना
जुन्या किंवा नवीन अशा कोणत्याही करण ग्रंथापेक्षा या ग्रंथातील गणित जास्त सूक्ष्म आहे , कारण यात मंदकर्णलब्धी काढण्यात जास्त सूक्ष्मता साधली आहे .
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
भृगुसूत्रम्
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - प्रथमोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - द्वितीयोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - तृतीयोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - चतुर्थोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - पञ्चमोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - षष्ठोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - सप्तमोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भृगुसूत्रम् - अष्टमोऽध्यायः
‘ भृगुसूत्र’ नावे या ग्रंथात जन्मपत्रिकेचे फळ उत्तम प्रकारे अचूक कथन केले आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा
‘गणित ज्योतिष ' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - दैवपुरुषकार
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - तिथिगुण
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - तितिगुण
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - नक्षत्रबल
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - वारफल
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - मुहूर्त
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - चन्द्रबल
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - लग्नबल
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - लग्नभेद
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - ग्रहस्थानबल
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - उत्सर्गापवाद
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - मिश्रक
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - देहस्पन्दन
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - चित्तशुद्धि
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - गुह्यकानुष्ठान
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - स्वप्न
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - विजयस्नान
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - ग्रहयज्ञ
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - अग्निलक्षण
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - प्रस्थानिक
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - गजलक्षणेङ्गित
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - वाजिलक्षणेङ्गित
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - शकुनशुभाशुभ
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - शिवारुत
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बृहद्यात्रा - वायसेङ्गित
‘ गणित ज्योतिष' या विषयावरील वराहमिहीराने लिहीलेला हा ग्रंथ ज्योतिषप्रेमींसठी अत्यंत उपयोगी आहे
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa