संस्कृत सूची|संस्कृत स्तोत्र साहित्य|अष्टोत्तरशतनामस्तोत्र| कालिकाशतनामस्तोत्रम् अष्टोत्तरशतनामस्तोत्र श्री हयग्रीवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्री आञ्जनेय अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् तुलस्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं नृसिंहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सरस्वत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् गौर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्री वेङ्कटेशाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ललिताष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सुब्रह्मण्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् लक्ष्म्यष्टोत्तरशतनाम्स्तोत्रम् श्रीरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् शिवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकृष्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगणेशाष्टोत्तरशतनाम्स्तोत्रम् श्री सीता अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्री सुदर्शनाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रं सहस्रशीर्ष्णे वै तुभ्यं स... गणेशहेरंबगजाननेति महोदर! ... श्री देव्युवाच- देव देव म... श्रीशंकराचार्यवर्यश्च ब्र... महाशास्ता महादेवो महादेवस... रजताचलशृंगाग्रमध्यस्थायै ... वासुदेवं हृषीकेशं वामनं ज... अग्नेः अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीअङ्गारकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् अन्नपूर्णा अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीअन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् अर्धनारीश्वर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् अवलोकितेश्वराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् आकाशगर्भनामाष्टोत्तरशतस्तोत्रम् श्रीमदानन्दनटराजाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् बटुकभैरवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् आर्यताराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् आर्यमञ्जुश्रीनामाष्टोत्तरशतकस्तोत्रम् इन्दिराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् उमाऽष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् कालीशतनामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥ श्रीकमलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् कार्तिकेयशताष्टनामस्तोत्रम् श्रीकार्तिकेयाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् आद्या कालिकादेव्याः शतनामस्तोत्रम् कालिकाशतनामस्तोत्रम् श्रीकालीशतनामस्तोत्रम् कालीशतनामस्तोत्रम् श्रीकिरातशास्तुः अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकृष्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकृष्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकेतु अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगङ्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगणपतिगकाराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगणेशाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् गणेशाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगरुडाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगायत्र्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् गीतासारगुर्वष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगुरुवातपुराधीशाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगुरुवायुपुरेश्वराष्टोत्तरशतनामस्तोत्ररत्नम् श्रीगुर्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगोकुलेशाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगोदाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगोदाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीगौराङ्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् गौरीपतिशतनामस्तोत्रम् गौर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीचन्द्राष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीचन्द्राष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीचामुण्डेश्वरी अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीछिन्नमस्ताष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीजानकी अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकृष्णोक्त झिल्लिरास्तोत्रम् श्रीताराशतनामस्तोत्रम् ताराशतनामस्तोत्रम् श्रीताराशतनामस्तोत्रम् दत्तात्रेयाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीदत्तात्रेयाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् दकारादिदत्तात्रेयाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकल्क्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ककारादि श्रीकूर्माष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकृष्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीनरसिंहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीबुद्धाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीमत्स्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीपरशुरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीवराहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीवामनाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीवामनाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीदक्षिणामूर्ति अष्टोत्तरशतनामस्तोत्र श्रीदक्षिणामूर्त्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् देवीवैभवाश्चर्याष्टोत्तरशतदिव्यनामस्तोत्रम् श्रीधन्वन्तर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीधर्मशास्तुः अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीधूमावत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् नारायणाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् नित्यानन्दाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीनिम्बार्काष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीनृसिंहगिरिमहामण्डलेश्वराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीनृसिंहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीनृसिंहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् पकारादि श्रीपरशुरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीपार्थसारथ्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीपार्थसारथ्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीपार्वत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीपीताम्बराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीवृन्दावनेश्वर्या अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीबटुकभैरवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीबटुकभैरवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् बटुकभैरवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं श्रीबालाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् १ श्रीबालात्रिपुरसुन्दर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् २ श्रीबालाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ३ श्रीबालाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ४ श्रीबालाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ५ बिल्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीबुधाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीभद्रकाल्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीभुवनेश्वर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीभुवनेश्वर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीभुवनेश्वर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीभैरव्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् भैरव्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् मन्त्रसिद्धिप्रदमहादुर्गाशतनामस्तोत्रम् श्रीमहाकालककाराद्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् महाचक्रवर्तिनामाष्टोत्तरशतस्तोत्रम् महात्रिपुरसुन्दर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् माणिक्यवाचकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीमातङ्गीशतनामस्तोत्रम् मातङ्ग्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीरङ्गनाथाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीराघवेन्द्राष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीराधाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीराधिकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् रामनामाष्टोत्तरशतरामायणम् रामानुजाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् रामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीरामाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीराहु अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीरेणुका अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीललिताम्बिका दिव्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीललितालकारादिशतनामस्तोत्रम् श्रीलक्ष्मीचन्द्रलाम्बाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीलक्ष्मीनारायणाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् लक्ष्मीनृसिंहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीलक्ष्म्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीलक्ष्म्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् कृष्णलीलाशतनामस्तोत्रम् वज्रपाणिनामाष्टोत्तरशतस्तोत्रम् श्रीवराहाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् वसुधारानामधारणीस्तोत्रम् श्रीवासवीकन्यकापरमेश्वर्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीविघ्नेश्वराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीविठ्ठलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीविद्यागणेशाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीविद्यारण्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् विश्वकर्मनामाष्टोत्तरशतकम् श्रीविष्णोरकाराद्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीविष्णोरष्टोत्तरशतदिव्यस्थानीयनामस्तोत्रम् श्रीविष्णोरष्टोत्तरशतदिव्यस्थानीयनामस्तोत्रम् श्रीवेङ्कटेश्वराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीवेदव्यासाष्टोत्तरनामस्तोत्रम् श्रीमद्वेदान्तदेशिकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् व्यासाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीशङ्कराचार्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीशनि अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीनृसिंहकृत शरभस्तोत्रम् शरभेश्वराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीशिवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् शिवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीशिवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् शिवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीशुक्राष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् शोणाचलशिवनामस्तोत्रम् श्रीश्यामदेवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीकृष्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीषोडशीशतनामस्तोत्रम् श्रीसन्तोषीमातुरष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीसरस्वत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीसीताष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सीताष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्री सीता अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीसुदर्शनाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सुब्रह्मण्यषडक्षराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीसुब्रह्मण्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीसूर्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीसूर्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सूर्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं सूर्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सौभाग्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् स्कन्दशताष्टनामस्तोत्रम् स्कन्दाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् हनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् हनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रनामावलिः श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहयग्रीवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् श्रीहरिहरपुत्राष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् हरिहराष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् कालिकाशतनामस्तोत्रम् अष्टोत्तरशतनामस्तोत्र म्हणजे देवी देवतांची एकशे आठ नावे.Ashtottara shatanamavali means 108 names of almighty God and Tags : ashtottar shatnam stotradevidevtasanskritstotraसंस्कृतस्तोत्र करारकूटघटितं कालिकाशतनामस्तोत्रम् Translation - भाषांतर (महानिर्वाणतन्त्रे सप्तमोल्लासान्तर्गते)अन्यनामानि - आद्याकालीस्वरूपाख्यं शतनामस्तोत्रम् ककारकूटस्तवः आद्याकालिकाशतनामस्तोत्रम्श्रीसदाशिव उवाच ।शृणु देवि जगद्वन्द्ये स्तोत्रमेतदमुत्तमम् ।पठनाच्छ्रवणाद्यस्य सर्वसिद्धीश्वरो भवेत् ॥असौभाग्य प्रशमनं सुखसम्पद्विवर्धनम् ।अकालमृत्युहरणं सर्वापद्निवारणम् ॥श्रीमदाद्याकालिकायाः सुखसान्निध्यकारणम् ।स्तवस्यास्य प्रसीदेन त्रिपुरारिरहं प्रिये ॥(प्रसादेन, शिवे)स्तोत्रस्यास्य ऋषिर्देवि ! सदाशिव उदाह्दृतः ।छन्दोऽनुष्टुब्देवताऽऽद्या कालिका परिकीर्तिता ।धर्मकामार्थमोक्षेषु विनियोगः प्रकीर्त्तितः ॥अथ शतनामस्तोत्रम् ।ॐ अस्य करारकूटघटितं श्रीआद्याकालिकाशतनामस्तोत्रमन्त्रस्यश्रीसदाशिवऋषिः । अनुष्टुप्छन्दः । श्री आद्याकालिका देवता ।धर्मकामार्थमोक्ष सिध्यर्थे जपे विनियोगः ॥ॐ ह्रीँ काली श्रीँ कराली च क्रीँ कल्याणी कलावती ।कमला कलिदर्पघ्नी कपर्दीशकृपान्विता ॥१॥कालिका कालमाता च कालानलसमद्युतिः ।कपर्दिनी करालास्या करुणामृतसागरा ॥२॥कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा ।कृशानुः कपिला कृष्णा कृष्णानन्दविवर्द्धिनी ॥३॥कालरात्रिः कामरूपा कामपाशविमोचिनी । (विमोचनी)कादम्बिनी कलाधारा कलिकल्मषनाशिनी ॥४॥कुमारीपूजनप्रीता कुमारीपूजकालया ।कुमारीभोजनानन्दा कुमारीरूपधारिणी ॥५॥कदम्बवनसञ्चारा कदम्बवनवासिनी ।कदम्बपुष्पसन्तोषा कदम्बपुष्पमालिनी ॥६॥किशोरी कलकण्ठा च कलनादनिनादिनी ।कादम्बरीपानरता तथा कादम्बरीप्रिया ॥७॥ (४०)कपालपात्रनिरता कङ्कालमाल्यधारिणी ।कमलासनसन्तुष्टा कमलासनवासिनी ॥८॥कमलालयमध्यस्था कमलामोदमोदिनी ।कलहंसगतिः क्लैब्यनाशिनी कामरूपिणी ॥९॥कामरूपकृतावासा कामपीठविलासिनी ।कमनीया कल्पलता कमनीयविभूषणा ॥१०॥कमनीयगुणाराध्या कोमलाङ्गी कृशोदरी ।कारणामृतसन्तोषा कारणानन्दसिद्धिदा ॥११॥कारणानन्दजापेष्टा कारणार्चनहर्षिता ।कारणार्णवसम्मग्ना कारणव्रतपालिनी ॥१२॥कस्तूरीसौरभामोदा कस्तूरीतिलकोज्ज्वला ।कस्तूरीपूजनरता कस्तूरीपूजकप्रिया ॥१३॥कस्तूरीदाहजननी कस्तूरीमृगतोषिणी ।कस्तूरीभोजनप्रीता कर्पूरामोदमोदिता ॥१४॥कर्पूरमालाभरणा कर्पूरचन्दनोक्षिता ।कर्पूरकारणाह्लादा कर्पूरामृतपायिनी ॥१५॥कर्पूरसागरस्नाता कर्पूरसागरालया ।कूर्चबीजजपप्रीता कूर्चजापपरायणा ॥१६॥कुलीना कौलिकाराध्या कौलिकप्रियकारिणी ।कुलाचारा कौतुकिनी कुलमार्गप्रदर्शिनी ॥१७॥काशीश्वरी कष्टहर्त्री काशीशवरदायिनी ।काशीश्वरकृतामोदा काशीश्वरमनोरमा ॥१८॥कलमञ्जीरचरणा क्वणत्काञ्चीविभूषणा ।काञ्चनाद्रिकृतागारा काञ्चनाचलकौमुदी ॥१९॥कामबीजजपानन्दा कामबीजस्वरूपिणी ।कुमतिघ्नी कुलीनार्त्तिनाशिनी कुलकामिनी ॥२०॥क्रीँ ह्रीँ श्रीँ मन्त्रवर्णेन कालकण्टकघातिनी । (१००)इत्याद्याकालिकादेव्याः शतनाम प्रकीर्त्तितम् ।ककारकूटघटितं कालीरूपस्वरूपकम् ॥२२॥ककारकूटकीर्त्तनफलं -पूजाकाले पठेद्यस्तु कालिकाकृतमानसः ।मन्त्रसिद्धिर्भवेदाषु तस्य काली प्रसीदति ॥१॥बुद्धिं विद्याञ्च लभते गुरोरादेशमात्रतः ।धनवान् कीर्तिमान् भूयाद्दानशीलो दयान्वितः ॥२॥पुत्रपौत्रसुखैश्वर्यैर्मोदते साधको भुवि ।भौमावास्यानिशाभागे मपञ्चकसमन्वितः ॥३॥पूजयित्वा महाकालीमाद्यां त्रिभुवनेश्वरीम् ।पठित्वा शतनामानि साक्षात् कालीमयो भवेत् ॥४॥नासाध्यं विद्यते तस्य त्रिषु लोकेषु किञ्चन ।विद्यायां वाक्पतिः साक्षात् धने धनपतिर्भवेत् ॥५॥समुद्र इव गाम्भीर्ये बले च पवनोपमः ।तिग्मांशुरिव दुष्प्रेक्ष्यः शशिवत् शुभदर्शनः ॥६॥रूपे मूर्तिधरः कामो योषितां हृदयङ्गमः ।सर्वत्र जयमाप्नोति स्तवस्यास्य प्रसादतः ॥७॥यं यं कामं पुरस्कृत्य स्तोत्रमेतदुदीरयेत् ।तं तं काममवाप्नोति श्रीमदाद्याप्रसादतः ॥८॥रणे राजकुले द्यूते विवादे प्राणसङ्कटे ।दस्युग्रस्ते ग्रामदाहे सिंहव्याघ्रावृते तथा ॥९॥अरण्ये प्रान्तरे दुर्गे ग्रहराजभयेऽपि वा ।ज्वरदाहे चिरव्याधौ महारोगादिसङ्कुले ॥१०॥बालग्रहादिरोगे च तथा दुःस्वप्नदर्शने ।दुस्तरे सलिले वापि पोते वातविपद्गते ॥११॥विचिन्त्य परमां मायामाद्यां कालीं परात्पराम् ।यः पठेच्छतनामानि दृढभक्तिसमन्वितः ॥१२॥सर्वापद्भ्यो विमुच्येत देवि सत्यं न संशयः ।न पापेभ्यो भयं तस्य न रोगेभ्यो भयं क्वचित् ॥१३॥सर्वत्र विजयस्तस्य न कुत्रापि पराभवः ।तस्य दर्शनमात्रेण पलायन्ते विपद्गणाः ॥१४॥स वक्ता सर्वशास्त्राणां स भोक्ता सर्वसम्पदाम् ।स कर्ता जातिधर्माणां ज्ञातीनां प्रभुरेव सः ॥१५॥वाणी तस्य वसेद्वक्त्रे कमला निश्चला गृहे ।तन्नाम्ना मानवाः सर्वे प्रणमन्ति ससम्भ्रमाः ॥१६॥दृष्ट्या तस्य तृणायन्ते ह्यणिमाद्यष्टसिद्धयः ।आद्याकालीस्वरूपाख्यं शतनाम प्रकीर्तितम् ॥१७॥अष्टोत्तरशतावृत्या पुरश्चर्याऽस्य गीयते ।पुरस्क्रियान्वितं स्तोत्रं सर्वाभीष्टफलप्रदम् ॥१८॥शतनामस्तुतिमिमामाद्याकालीस्वरूपिणीम् ।पठेद्वा पाठयेद्वापि शृणुयाच्छ्रावयेदपि ।सर्वपापविनिर्मुक्तो ब्रह्मसायुज्यमाप्नुयात् ॥१९॥॥ इति महानिर्वाणतन्त्रे सप्तमोल्लासान्तर्गतं कालिकाशतनामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥ N/A References : N/A Last Updated : December 21, 2025 Comments | अभिप्राय Comments written here will be public after appropriate moderation. 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