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शम्भु
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shiva
Meanings: 3; in Dictionaries: 2
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siva
Meanings: 2; in Dictionaries: 2
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शम्भविष्ठ
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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कर्मक्रियाकाण्ड
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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शम्भुतत्त्वानुसंधान
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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शम्भुनन्दन
Meanings: 5; in Dictionaries: 2
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शम्भुतनय
Meanings: 5; in Dictionaries: 2
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सिद्धौघ
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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स्मृतो
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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शम्भव
Meanings: 3; in Dictionaries: 1
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शम्भुप्रिया
Meanings: 6; in Dictionaries: 2
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मण्डल १० - सूक्तं १८६
ऋग्वेद फार प्राचीन वेद आहे. यात १० मंडल आणि १०५५२ मंत्र आहेत. ऋग्वेद म्हणजे ऋषींनी देवतांची केलेली प्रार्थना आणि स्तुति.
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शाम्भव
Meanings: 21; in Dictionaries: 3
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श्रीकमलारमेशस्तव:
स्वामि श्री भारतीकृष्णतीर्थ यांनी जी देवदेवतांवी स्तुती केली आहे, अशी क्वचितच् इतरांनी कोणी केली असेल.
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श्री बदरीनाथजी - जय जय श्री बदरीनाथ, जयति ...
आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है Aarti, ãrti, arathi, or ãrati is a Hindu ritual
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मण्डल १ - सूक्तं ६५
ऋग्वेद फार प्राचीन वेद आहे. यात १० मंडल आणि १०५५२ मंत्र आहेत. ऋग्वेद म्हणजे ऋषींनी देवतांची केलेली प्रार्थना आणि स्तुति.
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लीला गान - आज हरि आये विदुर -घर ...
’लीलागान’में भगवल्लीकी मनोमोहिनी मनको लुभाती है ।
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चक्रप्राप्ति वर्णनम्
नीलमत पुराण अंदाजे सहाव्या ते आठव्या शतकातील ग्रंथ आहे, यात कश्मीरमधील इतिहास, भूगोल, धर्म आणि लोकगाथांबद्दल विपुल माहीती आहे.
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रुद्राष्टकं - नमामीशमीशान निर्वाणरूपं व...
देवी देवतांची अष्टके, आजारपण किंवा कांही घरगुती त्रास होत असल्यास घरीच देवासमोर म्हणण्याची ईश्वराची स्तुती होय. Traditionally,the ashtakam is recited in homes, when some one has health or any domestic problems.
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रुद्राष्टकम् - नमामीशमीशान निर्वाणरूपं व...
देवी देवतांची अष्टके आजारपण किंवा कांही घरगुती त्रास होत असल्यास घरीच देवासमोर म्हणण्याची ईश्वराची स्तुती होय. Traditionally,the ashtakam is recited in homes, when some one has health or any domestic problems.
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शिवकवचम् - दधीचिरुवाच कवचं देवदेवस्...
देवी देवता कवच शारीरिक आणि मानसिक सुरक्षा देते, नकारात्मक शक्ती आणि संकटांपासून वाचवते.
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श्री गणेश चालीसा - जय गणपति सदगुणसदन, कविवर ...
चालीसा, देवी देवतांची काव्यात्मक स्तुती असून, भक्ताच्या आयुष्यातील सर्व संकटे दूर होण्यासाठी मदतीची याचना केली जाते.
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सहस्त्र नामे - श्लोक ८ आणि ९
श्रीगणेशाच्या सहस्त्रनामांचे मराठी अर्थ.
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प्रथम पटल - विविध साधनानि ३
रूद्रयामल तन्त्रशास्त्र मे आद्य ग्रथ माना जाता है । कुण्डलिणी की सात्त्विक और धार्मिक उपासनाविधि रूद्रयामलतन्त्र नामक ग्रंथमे वर्णित है , जो साधक को दिव्य ज्ञान प्रदान करती है ।
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श्रीवामनपुराण - अध्याय २६
श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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श्रीवामनपुराण - अध्याय ८९
श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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सहस्त्र नामे - श्लोक २१ ते २५
श्रीगणेशाच्या सहस्त्रनामांचे मराठी अर्थ.
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षष्ठ पटल - सुषुम्नासाधन
रूद्रयामल तन्त्रशास्त्र मे आद्य ग्रथ माना जाता है । कुण्डलिणी की सात्त्विक और धार्मिक उपासनाविधि रूद्रयामलतन्त्र नामक ग्रंथमे वर्णित है , जो साधक को दिव्य ज्ञान प्रदान करती है ।
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उत्तर पर्व - अध्याय २२
भविष्यपुराणांत धर्म, सदाचार, नीति, उपदेश, अनेक आख्यान, व्रत, तीर्थ, दान, ज्योतिष अणि आयुर्वेद शास्त्र वगैरे विषयांचा अद्भुत संग्रह आहे.
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श्री गंगा चालीसा - ॥ स्तुति ॥ मात शैल्सुतास ...
चालीसा, देवी देवतांची काव्यात्मक स्तुती असून, भक्ताच्या आयुष्यातील सर्व संकटे दूर होण्यासाठी मदतीची याचना केली जाते.
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नवमप्रपाठकः - द्वितीयोऽर्द्धः
यज्ञ, अनुष्ठान आणि हवन संबंधीचे मन्त्र सामवेदात सांगितले आहेत. सर्व वेदांमध्ये हा सर्वात छोटा वेद आहे.
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वज्रपञ्जरस्तोत्रम् - शिव उवाच ॥ वज्रपञ्जरकं ना...
वी देवतांची
स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर
असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने
इच्छित फल प्राप्त होते. In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise,
that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered
aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes
of God. Stotras are the type of popular devotional mainly Sanskrit
literature and are not bound by the strict rules as some other Hindu
scriptures, such as the Vedas. Stotras are accessible by the everyday
householder, in the form of chant also.
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श्री सूर्य चालीसा - जयति सूर्य नारायण स्...
चालीसा , देवी देवतांची
काव्यात्मक स्तुती असून ,
भक्ताच्या आयुष्यातील सर्व संकटे
दूर होण्यासाठी मदतीची
याचना केली जाते .
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श्री भैरव चालीसा - श्री गणपति, गुरु गौरि पद,...
चालीसा, देवी देवतांची काव्यात्मक स्तुती असून, भक्ताच्या आयुष्यातील सर्व संकटे दूर होण्यासाठी मदतीची याचना केली जाते.
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विनय पत्रिका - हरिशंकरी पद
विनय पत्रिकामे, भगवान् श्रीराम के अनन्य भक्त तुलसीदास भगवान् की भक्तवत्सलता व दयालुता का दर्शन करा रहे हैं।
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श्रीवामनपुराण - अध्याय ८७
श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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मयमतम् - अध्याय १४
The Mayamatam is a vastusastra. Mayamatam gives indications for the selections of a proper orientation, right dimensions, and appropriate materials.
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श्रीवामनपुराण - अध्याय ६३
श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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भूतेश्वर वर्णन नाम नन्दिचरितं
नीलमत पुराण अंदाजे सहाव्या ते आठव्या शतकातील ग्रंथ आहे, यात कश्मीरमधील इतिहास, भूगोल, धर्म आणि लोकगाथांबद्दल विपुल माहीती आहे.
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षट्चत्वारिंशः पटलः - रुद्राणीस्तोत्रम्
रूद्राणीस्तोत्रम्
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काश्मीरिकमुख्यनागवर्णनम्
नीलमत पुराण अंदाजे सहाव्या ते आठव्या शतकातील ग्रंथ आहे, यात कश्मीरमधील इतिहास, भूगोल, धर्म आणि लोकगाथांबद्दल विपुल माहीती आहे.
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त्रिषष्टितमः पटलः - सम्मोहनकवचम्
अनाहतेश्वरसम्मोहनकवचम्
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श्रीशरणागतिदीपिका - श्रीमान् वेङ्कटनाथार्यः क...
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते. In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
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श्रीगणेशसहस्त्रनाम - श्लोक २१ ते ३०
विश्वातील सर्व कारणांचे कारण असणारा असा सर्वात्मा , वेदांनी ज्याची महती गायली आहे , सर्वप्रथम पूजनीय असणार्या अशा गणेशाला मी वंदन करितो .
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श्रीवामनपुराण - अध्याय ९२
श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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मन्त्रमहोदधिः - षष्ठः तरङ्गः
श्रीमन्महीधर भट्ट ने स्वयं इस ग्रंथ में शान्ति , वश्य , स्तम्भन , विद्वेषण , उच्चाटण और मारण की विधि बताई है ।
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श्रीवामनपुराण - अध्याय ८६
श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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आशुगरुडकवचम् - श्रीदेव्युवाच - देव देव ...
देवी देवता कवच शारीरिक आणि मानसिक सुरक्षा देते, नकारात्मक शक्ती आणि संकटांपासून वाचवते.
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कोटिरुद्रसंहिता - अध्यायः ४३
शिव पुराणात भगवान शिवांच्या विविध रूपांचे, अवतारांचे, ज्योतिर्लिंगांचे, शिव भक्तांचे आणि भक्तिचे विस्तृत वर्णन केलेले आहे.
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