हिंदी सूची|व्रत|मासिक व्रत परिचय|आषाढ़के व्रत|आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत| प्रदोषव्रत आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत रथयात्रा स्कन्दषष्ठीव्रत विवस्वान्व्रत महिषघ्रीव्रत ऐन्द्रीपूजन शुक्लैकादशीव्रत स्वापमहोत्सव वामनपूजा प्रदोषव्रत हरिपूजा कोकिलाव्रत अम्बिकाव्रत विश्वेदेवपूजन शिवशयनव्रत वायुधारिणी पूर्णिमा व्यासपूजा पूर्णिमा आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - प्रदोषव्रत व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है । Tags : ashadhafestivalmonthvratआषाढमहिनाव्रतसण प्रदोषव्रत Translation - भाषांतर प्रदोषव्रत ( हेमाद्रि ) - पूर्वोक्त प्रकारसे सूर्यास्तके समय स्त्रान करके प्रदोष - समयमें शिवजीका पूजन करके सूर्यास्तके बाद एक बार भोजन करे । प्रदोष - समयमें शिवजीके समीप ' यक्ष, गन्धर्व १, पतग ( पक्षी ), उरग, सिद्ध, साध्य, विद्याधर, देव, अप्सरा और भूतगण' उपस्थित रहते हैं, अतः उस समयके शिवपूजनसे सारे मनोरथोंकी सिद्धि होती है । यह व्रत आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशीको होता है । गन्धर्वयक्षपतगोरगसिद्धसाध्य - विद्याधरामवराप्सरसां गणाश्च । येऽन्ये त्रिलोकनिलयाः सहभूतवर्गाः प्राप्ते प्रदोषसमये हरपार्श्वसंस्थाः ॥ तस्मात्प्रदोषे शिव एक एव पूज्यः ( स्कन्दपुराण ब्रह्मोत्तरखण्ड ) N/A References : N/A Last Updated : January 16, 2012 Comments | अभिप्राय Comments written here will be public after appropriate moderation. Like us on Facebook to send us a private message. TOP