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देवसेना
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श्री देवसेना अष्टोत्तरशतनामावलिः
अष्टोत्तरशतनामावलिः म्हणजे देवी देवतांची एकशे आठ नावे, जी जप करताना म्हणावयाची असतात. नावे घेताना १०८ मण्यांची जपमाळ वापरतात. Ashtottara shatanamavali means 108 names of almighty God and Godess.
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தேவசேனை
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దేవసేనా
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দেবসেনা
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ਦੇਵਸੇਨਾ
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ଦେବସେନା
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ദേവസേന
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દેવસેના
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دیوسینا
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ದೇವಸೇನಾ
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षोडश मातृका
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देवसेनापति
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सोळा मातृका
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षोडशमातृका
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सप्तवसोर्द्धारा
सर्व पूजा कशा कराव्यात यासंबंधी माहिती आणि तंत्र.
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षोडशन्
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मातृकापूजन
‘ संस्कार ’ हे केवळ रूढी म्हणून करण्यापेक्षां त्यांचे हेतू जाणून ते व्हावेत अशी अनेकांची इच्छा असते. ज्यावेळीं एखाद्या घरांमध्यें शुभकार्य असते त्यावेळीं या गोष्टी सविस्तर माहीत असल्यास कार्य सुव्यवस्थित पार पडते असा अनुभव आहे.
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केशिन्
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सिनीवाली
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खंड १ - अध्याय ३५
मुद्गल पुराणात श्री गणेशाच्या आठ अवतारांचे वर्णन आहे.
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षोडशमातृका-पूजन
प्रस्तुत पूजा प्रकरणात भिन्न भिन्न देवी-देवतांचे पूजन, योग्य निषिद्ध फूल यांचे शास्त्र शुद्ध विवेचन आहे.
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पञ्चशीतितमः पटलः - हाकिनीसहस्त्रनामविन्यासः ३
हाकिन्याःअष्टोत्तरसहस्त्रनामस्तोत्रम्
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पूजा विधी - षोडशमातृका पूजनम्
जो मनुष्य प्राणी श्रद्धा भक्तिसे जीवनके अंतपर्यंत प्रतिदिन स्नान , पूजा , संध्या , देवपूजन आदि नित्यकर्म करता है वह निःसंदेह स्वर्गलोक प्राप्त करता है ।
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indra
Meanings: 3; in Dictionaries: 2
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उत्तरभागः - अध्यायः ११
अठरा पुराणांमध्ये भगवान् शंकराची महान महिमा लिंगपुराणात वर्णिलेली आहे. यात ११००० श्लोक आहेत. प्रथम योग आणि नंतर कल्प असे विवेचन गुरू वेदव्यास यांनी या पुराणात सांगितले आहे.
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सेना
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श्री नारदीयमहापुराणम् - पञ्चदशाधिकशततमोऽध्यायः
`नारदपुराण’ में शिक्षा, कल्प, व्याकरण, ज्योतिष, और छन्द-शास्त्रोंका विशद वर्णन तथा भगवानकी उपासनाका विस्तृत वर्णन है।
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कुमारसम्भवम् - चतुर्दशः सर्गः
महाकवि कालिदास रचित कुमारसंभव हे काव्य कार्तिकेयच्या जन्मासंबंधी असून, संस्कृत भाषेतील पाच महाकाव्यांपैकी एक आहे.
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खंड ५ - अध्याय ७
मुद्गल पुराणात श्री गणेशाच्या आठ अवतारांचे वर्णन आहे.
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फलहोम:
सर्व पूजा कशा कराव्यात यासंबंधी माहिती आणि तंत्र.
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स्कंद
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श्री मल्लारिमाहात्म्य - अध्याय दुसरा
श्री मल्लारिमाहात्म्य - अध्याय दुसरा
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मातृका
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कृतयुगसन्तानः - अध्यायः ३६८
लक्ष्मीनारायणसंहिता
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खंड २ - अध्याय ६५
मुद्गल पुराणात श्री गणेशाच्या आठ अवतारांचे वर्णन आहे.
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खंड ७ - अध्याय ५
मुद्गल पुराणात श्री गणेशाच्या आठ अवतारांचे वर्णन आहे.
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हवन विधी आणि बलिदान
घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.
Navratri is a Hindu festival, during which nine days and nights, nine forms of Shakti i.e. female divinity are worshipped.
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श्रीविष्णुपुराण - प्रथम अंश - अध्याय ८
भारतीय जीवन-धारा में पुराणों का महत्वपूर्ण स्थान है, पुराण भक्ति ग्रंथों के रूप में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जो मनुष्य भक्ति और आदर के साथ विष्णु पुराण को पढते और सुनते है,वे दोनों यहां मनोवांछित भोग भोगकर विष्णुलोक में जाते है।
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उत्तरभागः - अध्यायः ३०
ब्रह्माण्डाच्या उत्पत्तीचे रहस्य या पुराणात वर्णिलेले आहे.
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शिवभारत - अध्याय सहावा
श्रीछत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या आज्ञेवरून लिहिलेलें कवीन्द्र परमानन्दकृत ' श्रीशिवभारत '
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अध्याय तिसरा - श्लोक २०१ से २५०
श्रीधरस्वामी रचित ’ श्रीरामविजय ’ ग्रंथाचे पारायण केल्याने जीवनातील वनवास संपून सुख प्राप्त होते.
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खंड ७ - अध्याय १५
मुद्गल पुराणात श्री गणेशाच्या आठ अवतारांचे वर्णन आहे.
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श्री गणेश प्रताप - क्रीडाखंड अध्याय १४
सर्व कीर्तीने युक्त, सर्व देवाधिदेवांमध्ये श्रेष्ठ अशा अत्यंत प्रिय असलेल्या श्रीगजाननाच्या स्तुतीपर हा ग्रंथ आहे.
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श्रीसीतासहस्त्रनामस्तोत्रम्
श्रीसीतासहस्त्रनामस्तोत्रम् आयुष्यातील वनवास संपतो.
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त्रेतायुगसन्तानः - अध्यायः १४५
लक्ष्मीनारायणसंहिता
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द्विचत्वारिंशः पटलः - अष्टोत्तरसहस्त्रनामारम्भः
राकिणीसाधनम्
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अध्याय दुसरा
श्रीनित्यानंदतीर्थविरचित श्रीमार्कण्डेयपुराणांतर्गत श्रीदेवीविजय.
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श्री गणेश प्रताप - क्रीडाखंड अध्याय १०
सर्व कीर्तीने युक्त, सर्व देवाधिदेवांमध्ये श्रेष्ठ अशा अत्यंत प्रिय असलेल्या श्रीगजाननाच्या स्तुतीपर हा ग्रंथ आहे.
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संकेत कोश - संख्या १४
हिंदू धर्मात असे अनेक संकेत आहेत ,जे आपल्या जीवनात मोलाचे कार्य बजावतात .
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