माघ शुक्लपक्ष व्रत - ढुण्ढिपूजा

व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।


ढुण्ढिपूजा

( त्रिस्थलीसेतु ) - माघ शुक्ल चतुर्थीको नक्तव्रतमें परायण होकर काशीवासी ढुण्ढिराजका पूजन करे, सफेद तिल और चीनीके मोदक अर्पण करे, तिलोंकी आहुति दे और रात्रिमें एकभुक्त करके जागरण करे तो उसके सम्पूर्ण पाप नष्ट हो जाते हैं ।

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Last Updated : January 01, 2002

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