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न. आयुष्य ; जीवितकाल . कार्ये उरकुनि घे रे तेरा वर्षेचि राहिलें आयु । - मोसभा ७ . २४ . [ सं . ] सामाशब्द - अल्पायु ; शतायु ; दीर्घायु ; सहस्त्रायु . बापुडा हा त्रिभुवनगोळु । अल्पायु जाहला । - ज्ञा ११ . ३८९ .
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ना. आयुष्य , जीवितकाल , हयात ;
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आयु n. इंद्र ने वेश के लिये इसका पराभव किया था [ऋ. १०.४९.५] । इंद्र ने इसका पराभव किया, ऐसा बहुत स्थानों पर उल्लेख मिलता हैं [ऋ.२.१४.७,८.५३.२] । तथापि आयु ने इंद्रकी प्रशंसा के लिये एक सूक्त रचा है [ऋ.८.५२] । यह शब्द सामान्य तथा विशेष अर्थ में उपयोग में लाया गया है । कुत्स तथा अतिथिग्व के साथ इसका उल्लेख है ।(सो.) पुरुरवस् को उर्वशी से उत्पन्न पुत्रों में ज्येष्ठ [भा.९.१५. १] ;[म.आ.७०.२२,९०.७] ;[म.द्रो.११९.५] ;[म.अनु.१४७] ;[वा.रा. उ. ५६] ;[गरुड.१. १३९.३] ;[पद्म. सृ.१२. ८७] ;[भू. १०३] । दत्तात्रेय के आश्रम में सौ वर्ष सेवा करने पर, दत्त ने इसे एक फल दिया । उसने अपनी स्त्री इंदुमती को वह फल खिलाया । जिसके कारण वह गरोदर हुई तथा उसे नहुष नामक पुत्र हुआ । उसे हुंड नामक दैत्य चुरा कर ले गया इसलिये, वह अपनी पत्नीसहित शोक करने लगा । नारद ने बताया कि, नहुष के द्वारा हुंड दैत्य मारा जायेगा तब वह स्वस्थ हुआ [पद्म. भू. १०३-१०८] । इसे स्वर्भानु की कन्या प्रभा नामक दूसरी स्त्री थी, जिससे नहुषादि पुत्र हुए [भा.९.१७.१] ;[गरुड. १३९.८] ;[ब्रह्मांड. ३.६७. १-२] ;[ब्रह्म.११] ;[पद्म. पा.१२.८७] ;[ह. वं.१.२८] ।
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ना. उमर , वय .
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