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त्रैलोक्यमोहन कवचम्
कवचका अर्थ सुरक्षात्मक आवरण या सुरक्षा प्रणाली को कहते हैं ।
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देवी स्तोत्र - देवी खड्गमाला स्तोत्ररत्नम
देवी आदिशक्ती माया आहे. तिची अनेक रूपे आहेत. जसे ती जगत्कल्याण्कारी तसेच दुष्टांचा संहार.करणारीही आहे.
The concept of Supreme mother Goddess is very old in India. The divine mother has been worshipped as ' Shakti' since vedic times.
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भुवनेश्वरी त्रैलोक्य मोहन कवच - श्रीदेव्युवाच - भगवन...
कवचका अर्थ सुरक्षात्मक आवरण या सुरक्षा प्रणाली ।
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श्रीमहाकालभैरवकवचम् - श्रीदेव्युवाच । देवदेव म...
देवी देवता कवच शारीरिक आणि मानसिक सुरक्षा देते, नकारात्मक शक्ती आणि संकटांपासून वाचवते.
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अध्याय ३०७ - त्रैलोक्य मोहननम्त्राः
अग्निपुराणात त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु, महेश आणि सूर्य ह्या देवतांसंबंधी पूजा-उपासनाचे वर्णन केलेले आहे.
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श्रीभुवनेश्वरी त्रैलोक्यमोहनकवचम् - श्रीदेव्युवाच- भगवन्, पर...
देवी देवता कवच शारीरिक आणि मानसिक सुरक्षा देते, नकारात्मक शक्ती आणि संकटांपासून वाचवते.
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अध्याय ५५ वा - श्लोक १ ते ५
श्रीकृष्णदयार्णवकृत हरिवरदा
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त्रिपुरा कवच - ॐ त्रिपुराकवचस्यास्य ऋषिर...
कवचका अर्थ सुरक्षात्मक आवरण या सुरक्षा प्रणाली ।
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षट्कर्म कवच
कवचका अर्थ सुरक्षात्मक आवरण या सुरक्षा प्रणाली ।
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मन्त्रमहोदधि - चतुर्दश तरङ्ग
`मन्त्रमहोदधि' इस ग्रंथमें अनेक मंत्रोंका समावेश है, जो आद्य माना जाता है।
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मन्त्रमहोदधि - द्वितीय तरङ्ग
`मन्त्रमहोदधि' इस ग्रंथमें अनेक मंत्रोंका समावेश है, जो आद्य माना जाता है।
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मन्त्रमहोदधि - विंश तरङ्ग
`मन्त्रमहोदधि' इस ग्रंथमें अनेक मंत्रोंका समावेश है, जो आद्य माना जाता है।
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मन्त्रमहोदधि - पञ्चविंश तरङ्ग
`मन्त्रमहोदधि' इस ग्रंथमें अनेक मंत्रोंका समावेश है, जो आद्य माना जाता है।
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मन्त्रमहोदधि - द्वादश तरङ्ग
`मन्त्रमहोदधि' इस ग्रंथमें अनेक मंत्रोंका समावेश है, जो आद्य माना जाता है।
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मन्त्रमहोदधि - नवम तरङ्ग
`मन्त्रमहोदधि' इस ग्रंथमें अनेक मंत्रोंका समावेश है, जो आद्य माना जाता है।
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