-
लुप्तप्राय
Meanings: 4; in Dictionaries: 4
Type: WORD | Rank: 6.008322 | Lang: NA
-
مقلَن کِس قتارَس منٛز
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 1.258078 | Lang: NA
-
പേശിക്കുള്ള
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 1.006462 | Lang: NA
-
मासपेशीय
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 1.006462 | Lang: NA
-
ಅಳಿವಿನ
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 0.8806545 | Lang: NA
-
വംശനാശിയായ
Meanings: 2; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 0.3774234 | Lang: NA
-
ಮಾಂಸ ಗ್ರಂಥಿ
Meanings: 3; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 0.3774234 | Lang: NA
-
पेशीय
Meanings: 3; in Dictionaries: 3
Type: WORD | Rank: 0.2516156 | Lang: NA
-
लोपोन्मुख
Meanings: 2; in Dictionaries: 2
Type: WORD | Rank: 0.1531653 | Lang: NA
-
vanishingly
Meanings: 2; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 0.1353803 | Lang: NA
-
dead letter
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
Type: WORD | Rank: 0.1353803 | Lang: NA
-
obsolescence
Meanings: 8; in Dictionaries: 6
Type: WORD | Rank: 0.07658264 | Lang: NA
-
obsolete
Meanings: 15; in Dictionaries: 11
Type: WORD | Rank: 0.04103496 | Lang: NA
-
खरोष्ठी
Meanings: 3; in Dictionaries: 3
Type: WORD | Rank: 0.02707605 | Lang: NA
-
ठग
Meanings: 11; in Dictionaries: 8
Type: WORD | Rank: 0.01692253 | Lang: NA
-
प्रत्यग्र
Meanings: 17; in Dictionaries: 5
Type: WORD | Rank: 0.01692253 | Lang: NA
-
भवनभास्कर - प्रस्तावना
वास्तुविद्याके अनुसार मकान बनानेसे कुवास्तुजनित कष्ट दूर हो जाते है ।
Type: PAGE | Rank: 0.006769014 | Lang: NA
-
संक्षिप्त विवरण - तान्त्रिक-संस्कृति का विहंगावलोकन
कुण्डलिणी की सात्त्विक और धार्मिक उपासनाविधि रूद्रयामलतन्त्र नामक ग्रंथमे वर्णित है , जो साधक को दिव्य ज्ञान प्रदान करती है ।
Type: PAGE | Rank: 0.006769014 | Lang: NA
-
श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय ४
श्रीमद्भगवद्गीतेत सांगितलेली भक्ति म्हणजे धार्मिक समाधान देणारे विचारयुक्त साधन आहे शिवाय श्रद्धा व भक्तियुक्त अंतःकरणाने एकाग्र होऊन विचार केल्यास एक वेगळाच शब्दातीत अनुभव येतो.
Type: PAGE | Rank: 0.005922887 | Lang: NA
-
श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय ४
श्रीमद्भगवद्गीताका मनन-विचार धर्मकी दृष्टीसे, सृष्टी रचनाकी दृष्टीसे, साहित्यकी दृष्टीसे, या भाव भक्तिसे किया जाय तो जीवन सफल ही सफल है।
Type: PAGE | Rank: 0.005922887 | Lang: NA
-
संक्षिप्त विवरण - तन्त्र प्रवर्तक ऋषि
कुण्डलिणी की सात्त्विक और धार्मिक उपासनाविधि रूद्रयामलतन्त्र नामक ग्रंथमे वर्णित है , जो साधक को दिव्य ज्ञान प्रदान करती है ।
Type: PAGE | Rank: 0.00507676 | Lang: NA
-
गुरूचरित्र - सोवळ्या-ओवळ्याचे निर्बंध कुठल्या देवाला लागतात ?
श्रीगुरुचरित्र हा ग्रंथ महाराष्ट्रात वेदांइतकाच मान्यता पावलेला आहे. Shri GuruCharitra is the most influential book written in Marathi.
Type: PAGE | Rank: 0.004230633 | Lang: NA