लोकहितकरव्रत - सर्वरोगनाशक धर्मराजव्रत

व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।


सर्वरोगनाशक धर्मराजव्रत

( मन्त्नमहोदधि ) - कोई भी रोग किसी भी औषधोपचारसे शान्त न हुआ हो तो प्रातःस्त्रानादिके पश्चात् पवित्रावस्थामें रहकर

' ॐ क्रौं ह्लीं आं वैवस्वताय धर्मराजाय भक्तानुग्रहकृते नमः '

इस मन्त्नका पूर्णतया अभ्यास करके मन - ही - मन अखण्ड जप करता रहे; इससे सम्पूर्ण पाप, ताप और रोग दूर होते हैं ।

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Last Updated : January 16, 2012

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