बलभीम.मोरेश्वर.भट

Related Words

भट   भट पडो   भट-भट पडप   भादवा भट   ब्राम्हण भट, कढी आंबट   भट करीत ती अमाश्या, आणि राजा ठरयत ती दिशा   कामांत भट पडणें   तीर्थ आहे तर भट नाहीं, भट आहे तर तीर्थ नाहीं   भटाला दिली ओसरी, भट हातपाय (हळूहळू पाय,) पसरी   हात्-हात् तुझ्या कामांत भट पडो !   गू न्हय भट हागलो   भट भिकारी, अवसे पुनवेस जाय लोकांचे दारीं   कोणत्‍याहि कामात भट पडूं नये   भटास दिली ओसरी, भट हातपाय पसरी   तुझ्या कामांत भट पडो!   बाजारांत तुरी, भट भटणीला मारी   पोकळधोत्र्या भट   शेट-शेट पडल्यार भट धांवता भट पडल्यार कोण धांवता?   भट आहे तर तीथ नाहीं, तीथ आहे तर भट नाहीं   बाजारात गहूं, भट भटणीला ह्मणेः लाटणें पोळपाट धू   देवानिमतान भट खाता   भटाला दिली ओसरी, भट हातपाय पसरी   आषाढीं तट, श्रावणी भट, भादवी कुणबट   देवाला भट आणि मुलाला पंताजी-मास्तर   जोडला तरी भट, मोडला तरी गृहस्‍थ   होते आंबे गरे, तोंवर भट बामण बरे   खट नट, त्‍याला गिर्‍हाईक भट   हाटांत तुरी, भट भटणीला मारी-रांडे वरण कां करीनास?   राजा करील ती पूर्व दिशा आणि भट सांगेल ती अमावास्या   उभा रेट नी मुसळ भट   बाजारांत तुरी आणि भट भटणीला मारी : रांडे घट्ट करशील कीं पातळ करशील?   हटांत तुरी, भट भटणीला मारी   पिकले काजूगरे, भट-वामण वरे   भट-कण-कन-कर-दिशीं   
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

Related Pages

: Folder : Page : Word/Phrase : Person