उख

n.  तैत्तिरीयों के पितृतर्पण में आने वाला एक आचार्य । पितृतर्पण में इसका समावेश होने का कारण यह होगा कि, यह हिरण्य केशियों के से मिलतीजुलती शाखा प्रवृत्त करनेवाला था [स. गृ.२०.८०२० चरणव्यूह] । पाणिनी ने शाखा प्रवर्तक कह कर इसका उल्लेख किया है ।