"ई" Words

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   ईं   ईक्षण   ईक्षणे   ईक्षणें   ईखित   ईचा   ईंजानेब   ईंजानीब   ईझीचेअर   ईट   ईटके वास्ते मसजीद ढलाना   ईट्टश   ईड   ईडनिंबू   ईडेपाडें   ईडें पाडें   ईडेपिडे   ईडेपिडे घेणें   ईडपीड   ईडय   ईड्य   ईड येणें   ईडलिंबू   ईण   ईत   ईतवार   ईताल   ईतालकी बात   ईति   ईथर   ईद   ईदृश   ईदृश्‍   ईन   ईनमीनतीन   ईनमीनसवा   ईनमीनसवातीन   ईनमीनसाडे   ईप्सित   ईब्न   ईंबाब   ईर   ईरतवान   ईरतीनें वागणें   ईरमोड   ईर्ष्या   ईर्ष्या, ईर्षा   ईर्ष्यालु   ईर्षा   ईर्षा झांकत नाहीं   ईर्षाद   ईर्षा मनी धरणें, मग हात वळविणें   ईरेस पडणे   ईरेस, सांपडणें   ईरा   ईल   ईलिन   ईळ   ईळ गेला इळाचा, माथा धुतें तिळाचा   ईव   ईश   ईश्र्वर   ईश्र्वर अन्न पाठवितो, दुष्ट त्याचा नाश करितो   ईश्र्वर असे साही, तर दुःख होत नाहीं   ईश्र्वर आरोग्य देतो, वैद्य दस्तुरी घेतो   ईश्र्वर इच्छेस जें आलें, त्याचा नियम कोणा न टळे   ईश्र्वर उत्पन्न करतो, पोषाख शोभा देतो, द्रव्यानें मान मिळतो, ज्ञानानें थोरपणा वाढतो   ईश्र्वरकृपा   ईश्र्वर कृपा करतो तेव्हां वायूसवें पाऊस पाडतो   ईश्र्वर कृपा ज्यावरी, त्याचें शत्रु काय करी   ईश्र्वर करणी अगाध आहे   ईश्र्वरेच्छा, ईश्र्वरी इच्छा   ईश्र्वरेच्छा बलीयसी   ईश्र्वर चराचरा तारक, पाठवून देऊन अन्नोदक   ईश्र्वर जन्मास घालतो, त्याचे पदरी शेर बांधतो   ईश्र्वर तारी, त्यास कोण मारी   ईश्र्वरदत्त   ईश्र्वरभक्ति   ईश्र्वरभाव   ईश्र्वर मात्र, असे पवित्र   ईश्र्वरसत्ता, ईश्र्वरीसत्ता   ईश्र्वरसूत्र, ईश्र्वरीसूत्र-तंत्र   ईश्र्वर सत्वशील आहे, अनंत काळ दीर्घ राहे (पाहे)   ईश्र्वर स्मरण ठेवावे आणि क्षेम मागावें   ईश्र्वर होता पाठमोरा, नसतीं विघ्नें येती घरा   ईश्र्वराचे भय, हाच ज्ञानाचा उदय   ईश्र्वराच्या करणी आणि नारळांत पाणी   ईश्र्वराच्या नांवावर डोंगर तरतात   ईश्र्वराचा-ईश्र्वराघरचा प्राणि   ईश्र्वराचा खरेपणा, पृथ्वीचा स्तंभ जाणा   ईश्र्वराचा लाल   ईश्र्वराची करणी, नारळांत पाणी   ईश्र्वराची चिंता करणें, वाईट कोणाशीं न आचरणें   ईश्र्वराची प्रार्थना करावी भाग्यवेळी, अनुकूल होईल विपत्तिकाळीं   ईश्र्वराने दिला जोडा, एक अंधळा एक लंगडा   ईश्र्वराने मनुष्या केलें सात्त्विक, स्वबुद्धीनें होती अधार्मिक   ईश्र्वरानें मरण द्यावें किंवा तापत्रयांतून सोडवावें   ईश्र्वरानें मला न दिले संतान, तर भावास कां द्यावें पुत्ररत्‍न (पुत्रदान)   ईश्र्वरापाशीं सख्य ठेवणें, तेणें आपले काय उणें   
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